अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस समय भारत, पाकिस्तान और अमेरिका को लेकर बड़ी हलचल मची हुई है। पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने एक विस्फोटक बयान दिया है, जिसने पाकिस्तान से लेकर अमेरिकी राजनैतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है। रुबिन ने पाकिस्तान को “आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश” करार दिया और पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर की गिरफ्तारी की मांग तक कर डाली।
इतना ही नहीं, उन्होंने अमेरिकी राजनीति के दिग्गज डोनाल्ड ट्रंप को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ट्रंप को भारत से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि बीते एक साल में अमेरिका ने भारत के साथ जिस तरह व्यवहार किया है, वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सम्मान के खिलाफ है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद अहम भूमिका निभा रहा है और रूस के साथ उसकी रणनीतिक साझेदारी नए मुकाम पर पहुँच रही है।
🔴 पाकिस्तान और आसिम मुनीर पर सबसे बड़ा हमला—“उन्हें गिरफ्तार किया जाए”

पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने कहा:
“पाकिस्तान एक आतंकवाद फैलाने वाला देश है। अमेरिका को इस देश को गले लगाने की कोई रणनीतिक जरूरत नहीं। अगर आसिम मुनीर अमेरिका आते हैं तो उन्हें सम्मानित नहीं, बल्कि गिरफ्तार किया जाना चाहिए।”
यह बयान बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि:
- पाकिस्तान को लंबे समय से आतंकवाद का समर्थक माना जाता रहा है।
- कई अमेरिकी रिपोर्ट्स और अफगानी खुफिया एजेंसियाँ भी यह आरोप लगा चुकी हैं।
- पाकिस्तान US का पूर्व ‘गैर-नाटो सहयोगी’ रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में संबंध बिगड़ चुके हैं।
रुबिन ने कहा कि अमेरिका को अपनी चुप डिप्लोमेसी बंद कर देनी चाहिए, और पाकिस्तान के साथ कड़े कदम उठाने चाहिए।
🔴 क्या अमेरिका पाकिस्तान को “आतंकी देश” घोषित करेगा?
रुबिन का दावा है कि:
- पाकिस्तान ने दशकों तक आतंकियों को शरण दी
- तालिबान, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों को संरक्षण मिला
- भारत और अफगानिस्तान पर हमलों में पाक संस्थाओं की भूमिका रही
उनके अनुसार, अमेरिका को अब इस वास्तविकता को खुले रूप में स्वीकार करना चाहिए।
यह बयान भारत की उस कूटनीतिक लड़ाई को मजबूती देता है जिसमें भारत लगातार कहता रहा है कि “बहु-आयामी आतंकवाद की जड़ पाकिस्तान में है।”
🔴 ट्रंप को भारत से माफी मांगनी चाहिए—रुबिन
माइकल रुबिन ने अपने बयान में अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि:

“पिछले एक साल में अमेरिका ने भारत के साथ जैसा व्यवहार किया है, उसके लिए ट्रंप को भारत से खुलकर माफी मांगनी चाहिए।”
उनके अनुसार:
- ट्रंप भारत से जुड़े कई मुद्दों पर गलत दिशा में गए
- अमेरिका के “इंडिया पॉलिसी” में भ्रम पैदा हुआ
- भारत-अमेरिका संबंधों में अनावश्यक तनाव बढ़ा
रुबिन ने कहा कि किसी एक नेता का अहंकार दो बड़े लोकतंत्रों के रिश्तों से बड़ा नहीं हो सकता।
🔴 ‘ट्रंप नोबेल पुरस्कार के हकदार’—लेकिन क्यों?
रुबिन ने एक दिलचस्प और चौंकाने वाली बात कही:
“डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और रूस को एक साथ लाने में भूमिका निभाई। इसके लिए वे नोबेल पुरस्कार के हकदार हैं।”
यह बयान दुनिया को चौंकाता है क्योंकि:
- भारत और रूस दशकों से करीबी साझेदार हैं
- लेकिन अमेरिका और रूस के संबंध ठंडे रहे
- ट्रंप के दौर में रूस–अमेरिका संबंध भी जटिल रहे थे
रुबिन का संकेत यह हो सकता है कि ट्रंप की विश्वनीति ने अप्रत्यक्ष रूप से भारत और रूस को करीब ला दिया।
🔴 भारत–रूस साझेदारी पर रुबिन का बयान
रुबिन ने पुतिन के भारत दौरे की तारीफ की और कहा:
- पुतिन को भारत में वह सम्मान मिला जो उन्हें दुनिया में और कहीं नहीं मिल सकता
- भारत–रूस के संबंध नए युग में प्रवेश कर रहे हैं
- भारत की रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) दुनिया में मिसाल बन रही है
रुबिन का प्रश्न भी अहम था:
“आज जो MoUs साइन हुए, उनमें से कितने वाकई लागू होंगे? कितने वास्तविक हित और कितने राजनीतिक भावनाओं का परिणाम हैं?”
यह सवाल आने वाले महीनों की भू-राजनीतिक तस्वीर तय करेगा।
🔴 क्या अमेरिका भारत–रूस संबंधों को लेकर चिंतित है?
विशेषज्ञों के अनुसार:
- अमेरिका भारत का अहम साझेदार है
- लेकिन रूस भारत का पारंपरिक मित्र है
- भारत दोनों से संतुलित संबंध रखता है
रुबिन ने भी कहा कि:
- अमेरिका को भारत की स्वतंत्र विदेश नीति को स्वीकार करना होगा
- भारत किसी के दबाव में निर्णय नहीं लेता
यह संदेश अमेरिका के लिए भी स्पष्ट संकेत है।
🔴 भविष्य की रणनीति क्या बनती दिख रही है?
माइकल रुबिन के बयानों से तीन बड़े संकेत निकलते हैं:
1️⃣ पाकिस्तान पर अमेरिका का रुख और सख्त होगा
क्योंकि:
- अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञ खुलकर विरोध कर रहे हैं
- आतंकवाद पर US की नीति बदल रही है
2️⃣ भारत–अमेरिका संबंध वापस पटरी पर आ सकते हैं
क्योंकि:
- माफी की मांग ट्रंप पर दबाव बनाएगी
- अमेरिका भारत को अपनी रणनीति के केंद्र में रखना चाहता है
3️⃣ भारत–रूस साझेदारी और मजबूत होगी
क्योंकि:
- अमेरिका के पूर्व अधिकारी भी इसकी प्रशंसा कर रहे हैं
- भारत की वैश्विक महत्वता लगातार बढ़ रही है
🔴 क्या आसिम मुनीर की गिरफ्तारी संभव है?
तकनीकी रूप से:
- अगर किसी देश को “State Sponsor of Terror” घोषित किया जाए
- और उसके अधिकारी या सैन्य प्रमुख पर आतंकवाद का आरोप हो
- तो US उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है
लेकिन इसके लिए:
- अमेरिकी सरकार की मंजूरी
- राजनीतिक सहमति
- अंतरराष्ट्रीय लॉ समर्थन
—सब जरूरी है।
इसलिए यह बयान अभी राजनीतिक दबाव का संकेत माना जा रहा है।
🔴 भारत की स्थिति—और मजबूत
भारत की कूटनीति अब:
- चीन को संतुलन में रखती है
- अमेरिका और रूस दोनों को बराबर महत्व देती है
- पाकिस्तान के आतंकवाद पर वैश्विक दबाव बढ़ाती है
- वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज बन रही है
रुबिन के बयान भारत के इस बढ़ते कद की पुष्टि करते हैं।
🔴 निष्कर्ष: राजनीति, कूटनीति और शक्ति—सब कुछ बदल रहा है
माइकल रुबिन के बयान सिर्फ टिप्पणी नहीं, बल्कि एक संकेत हैं:
- पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर अलग-थलग हो रहा है
- भारत का सम्मान और प्रभाव बढ़ रहा है
- अमेरिका को अपनी नीति पर पुनर्विचार करना होगा
- भारत–रूस साझेदारी नए दौर में प्रवेश कर रही है
यह वक्त भारत के लिए रणनीतिक स्वर्ण युग की ओर बढ़ने जैसा है।
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