Saturday, January 24, 2026
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कोहरे में ट्रेन लेट? पूरा टिकट रिफंड पाएं

कोहरे में फंसी आपकी ट्रेन? जानिए कैसे मिल सकता है पूरा टिकट रिफंड — भारतीय रेलवे के नियम और पूरी प्रक्रिया

सर्दियों का मौसम आते ही उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में घना कोहरा आम बात हो जाती है। दिसंबर और जनवरी के महीनों में सुबह और रात के समय दृश्यता इतनी कम हो जाती है कि सड़क, हवाई और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित होता है। खासकर ट्रेन यात्रियों के लिए यह समय किसी परीक्षा से कम नहीं होता। कई-कई घंटे स्टेशन पर इंतजार, अनिश्चित समय और यात्रा की थकान—ये सभी बातें यात्रियों की परेशानी बढ़ा देती हैं।

अक्सर यात्रियों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर ट्रेन बहुत ज्यादा लेट हो जाए और वे यात्रा न करें, तो क्या उनका टिकट का पैसा डूब जाएगा? बहुत से लोग जानकारी के अभाव में मजबूरी में यात्रा कर लेते हैं या फिर टिकट कैंसिल कर देते हैं और भारी-भरकम कैंसलेशन चार्ज कटवा बैठते हैं।

लेकिन अच्छी खबर यह है कि भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी (IRCTC) ने ऐसे यात्रियों के लिए स्पष्ट और यात्री-हितैषी नियम बनाए हैं। अगर आपकी ट्रेन कोहरे या किसी अन्य कारण से तय समय से काफी ज्यादा लेट हो जाती है और आप यात्रा नहीं करते हैं, तो कुछ शर्तों के तहत आपको पूरा टिकट रिफंड मिल सकता है—वह भी बिना किसी कैंसलेशन चार्ज के।

इस लेख में हम आपको आसान भाषा में बताएंगे कि रेलवे के ये नियम क्या हैं, किन शर्तों पर पूरा रिफंड मिलता है, टीडीआर (TDR) क्या होता है, इसे कब और कैसे फाइल करना चाहिए, और किन गलतियों से बचना जरूरी है।


सर्दियों में ट्रेनें क्यों होती हैं लेट?

सर्दियों में खासकर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों—जैसे दिल्ली, यूपी, बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश—में घना कोहरा छा जाता है। कोहरे के कारण:

  • ट्रैक पर दृश्यता कम हो जाती है
  • लोको पायलट को ट्रेन की स्पीड कम रखनी पड़ती है
  • सुरक्षा कारणों से सिग्नलिंग में अतिरिक्त सावधानी बरती जाती है

इन वजहों से कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 2, 4, 6甚至 10 घंटे तक लेट हो जाती हैं। कुछ ट्रेनें तो अपने शुरुआती स्टेशन से ही देरी से रवाना होती हैं, जबकि कुछ रास्ते में घंटों खड़ी रहती हैं।


क्या लेट ट्रेन में टिकट का पैसा डूब जाता है?

ज्यादातर यात्रियों की यही धारणा होती है कि अगर ट्रेन लेट हो गई तो या तो यात्रा करनी पड़ेगी या फिर टिकट कैंसिल करने पर पैसा कट जाएगा। लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है।

भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, अगर ट्रेन अपने निर्धारित प्रस्थान समय से तीन घंटे या उससे अधिक देरी से चलती है और यात्री यात्रा नहीं करता, तो वह पूरा किराया वापस पाने का हकदार होता है

सबसे अहम बात यह है कि इस स्थिति में:

  • कोई कैंसलेशन चार्ज नहीं काटा जाता
  • पूरा बेस फेयर और अन्य शुल्क (जैसे रिजर्वेशन चार्ज) वापस मिलते हैं

किन यात्रियों को मिलता है पूरा रिफंड?

रेलवे का यह नियम सिर्फ चुनिंदा यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि लगभग सभी श्रेणियों पर लागू होता है। इसमें शामिल हैं:

  • कन्फर्म टिकट वाले यात्री
  • आंशिक रूप से कन्फर्म टिकट (RAC + Confirm)
  • ई-टिकट (IRCTC से बुक किए गए टिकट)

हालांकि, वेटिंग लिस्ट टिकट के मामले में नियम अलग होते हैं, क्योंकि ऐसे टिकट पहले से ही अपने आप कैंसिल हो जाते हैं।


पूरा रिफंड पाने की जरूरी शर्तें

पूरा टिकट रिफंड पाने के लिए यात्रियों को कुछ जरूरी शर्तों का पालन करना होता है। अगर इनमें से एक भी शर्त पूरी नहीं हुई, तो रिफंड अटक सकता है या पूरी तरह खारिज भी हो सकता है।

1. ट्रेन कम से कम 3 घंटे लेट हो

जिस स्टेशन से आपको ट्रेन पकड़नी थी, वहां ट्रेन का वास्तविक प्रस्थान समय निर्धारित समय से तीन घंटे या उससे अधिक देर का होना चाहिए।

2. यात्री ने यात्रा न की हो

जिस पीएनआर नंबर पर टिकट बुक है, उस पर दर्ज किसी भी यात्री ने यात्रा नहीं की हो। अगर एक भी यात्री ट्रेन में चढ़ गया, तो पूरा रिफंड नहीं मिलेगा।

3. सही समय पर टीडीआर फाइल करना जरूरी

यात्री को ट्रेन के वास्तविक प्रस्थान से पहले आईआरसीटीसी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करनी होती है।

4. पहले से टिकट कैंसिल नहीं किया हो

अगर आपने ट्रेन के लेट होने से पहले ही सामान्य तरीके से टिकट कैंसिल कर दिया, तो यह नियम लागू नहीं होगा और कैंसलेशन चार्ज कट सकता है।

5. ट्रेन छूटने के बाद टीडीआर फाइल न करें

अगर ट्रेन रवाना हो चुकी है और उसके बाद आप टीडीआर फाइल करते हैं, तो रिफंड का दावा मान्य नहीं होगा।


टीडीआर (TDR) क्या होता है?

TDR यानी Ticket Deposit Receipt। यह एक ऑनलाइन प्रक्रिया है, जिसके जरिए यात्री रेलवे को यह जानकारी देता है कि उसने किन कारणों से यात्रा नहीं की और वह रिफंड चाहता है।

लेट ट्रेन के मामले में टीडीआर फाइल करना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि बिना टीडीआर के रेलवे रिफंड प्रक्रिया शुरू नहीं करता।


टीडीआर कैसे फाइल करें? (स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया)

आईआरसीटीसी ने टीडीआर फाइल करने की प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है। आप इसे वेबसाइट या मोबाइल ऐप—दोनों के जरिए कर सकते हैं।

स्टेप 1: आईआरसीटीसी में लॉगिन करें

सबसे पहले IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप खोलें और अपने यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें।

स्टेप 2: बुक्ड टिकट हिस्ट्री में जाएं

लॉगिन करने के बाद “Booked Ticket History” या “My Bookings” सेक्शन पर क्लिक करें।

स्टेप 3: संबंधित टिकट चुनें

उस टिकट को चुनें, जिसके लिए आप रिफंड चाहते हैं।

स्टेप 4: ‘File TDR’ पर क्लिक करें

टिकट डिटेल्स में आपको “File TDR” का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।

स्टेप 5: कारण चुनें

कारण के विकल्पों में से “Train Late More Than Three Hours” का चयन करें।

स्टेप 6: रिक्वेस्ट सबमिट करें

सभी जानकारी जांचने के बाद टीडीआर सबमिट कर दें।


कितने दिनों में मिलता है रिफंड?

टीडीआर फाइल करने के बाद रेलवे मामले की जांच करता है। आमतौर पर:

  • 5 से 10 कार्यदिवस में
  • रिफंड की राशि
  • उसी बैंक खाते या भुगतान माध्यम में वापस आ जाती है, जिससे टिकट बुक किया गया था

कुछ मामलों में थोड़ा ज्यादा समय भी लग सकता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में रिफंड तय समय में मिल जाता है।


किन गलतियों से बचना जरूरी है?

कई बार यात्री छोटी-छोटी गलतियों की वजह से पूरे रिफंड से वंचित रह जाते हैं। इन बातों का खास ध्यान रखें:

  • ट्रेन के छूटने के बाद टीडीआर न फाइल करें
  • पहले से टिकट कैंसिल न करें
  • सही कारण चुनें
  • यह सुनिश्चित करें कि किसी भी यात्री ने यात्रा न की हो

यात्रियों के लिए बड़ी राहत

घने कोहरे की वजह से ट्रेन लेट होना यात्रियों के लिए भले ही परेशानी का कारण हो, लेकिन रेलवे के ये नियम उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाने का काम करते हैं। सही जानकारी और समय पर सही कदम उठाकर यात्री न सिर्फ तनाव से बच सकते हैं, बल्कि अपने पूरे टिकट के पैसे भी वापस पा सकते हैं।


निष्कर्ष

सर्दियों में ट्रेन यात्रा करने से पहले रेलवे के रिफंड नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। अगर आपकी ट्रेन तीन घंटे या उससे ज्यादा लेट हो जाती है और आप यात्रा नहीं करना चाहते, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बस सही समय पर टीडीआर फाइल करें और नियमों का पालन करें—पूरा रिफंड आपका हक है।

जानकारी ही सबसे बड़ी ताकत है। अगली बार जब कोहरे की वजह से आपकी ट्रेन लेट हो, तो यह जानकारी आपके समय, पैसे और परेशानी—तीनों को बचा सकती है।

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