BREAKING NEWS: चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, पहली बार ₹2.50 लाख के पार
नई दिल्ली: कमोडिटी बाजार में सोमवार को ऐतिहासिक हलचल देखने को मिली। चांदी ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए पहली बार ₹2,50,000 प्रति किलो का स्तर पार कर लिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और कारोबारियों में हलचल मच गई।
🔴 MCX पर चांदी की रिकॉर्डतोड़ छलांग

सोमवार, 29 दिसंबर को MCX पर चांदी के फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट में जोरदार उछाल देखने को मिला।
- 5 मार्च 2026 एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर
- ओपनिंग: ₹2,47,194 प्रति किलो
- सुबह 10 बजे भाव: ₹2,48,982 प्रति किलो
- इंट्रा-डे हाई: ₹2,54,174 प्रति किलो
पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,39,787 पर बंद हुई थी। यानी एक ही दिन में करीब ₹9,200 की तेजी दर्ज की गई।
🌍 अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रिकॉर्ड
घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी चांदी की कीमतों में उछाल देखा गया।
- अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी पहली बार 80 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंची
- तेजी के बाद मुनाफावसूली से हल्की गिरावट जरूर आई
- लेकिन कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं
⚡ क्यों आई चांदी में इतनी जबरदस्त तेजी?

1️⃣ इंडस्ट्रीयल डिमांड में उछाल
दुनिया भर में चांदी की लगभग 60% मांग इंडस्ट्री से आ रही है।
सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।
2️⃣ ग्रीन एनर्जी का बूम
रिन्यूएबल एनर्जी और सोलर प्रोजेक्ट्स में बढ़ते निवेश ने चांदी को रणनीतिक धातु बना दिया है।
3️⃣ सप्लाई और डिमांड का असंतुलन
खनन लागत बढ़ने और नई खदानों की कमी से सप्लाई सीमित है, जबकि मांग लगातार बढ़ रही है।
4️⃣ डॉलर में कमजोरी और फेड के संकेत
अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरों में कटौती के संकेतों से निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़े हैं।
📈 निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी
विशेषज्ञों के मुताबिक, अब चांदी को सिर्फ गहनों की धातु नहीं माना जा रहा।
निवेशक इसे:
- सुरक्षित निवेश
- और इंडस्ट्रियल ग्रोथ से जुड़ा एसेट
दोनों के रूप में देख रहे हैं।
⚠️ मुनाफावसूली के संकेत भी
तेज उछाल के बाद बाजार में मुनाफावसूली शुरू हुई, जिससे कीमतों में थोड़ी नरमी आई।
हालांकि, जानकारों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है।
👨💼 निवेशकों के लिए क्या सलाह?
- ऊंचे स्तरों पर जल्दबाजी में निवेश न करें
- गिरावट पर चरणबद्ध खरीदारी बेहतर
- गोल्ड और सिल्वर में संतुलन बनाए रखें
चांदी में वोलैटिलिटी ज्यादा होती है, इसलिए जोखिम समझना जरूरी है।
📌 निष्कर्ष
चांदी ने ₹2.50 लाख के पार जाकर यह साफ कर दिया है कि वह अब सिर्फ सोने का विकल्प नहीं रही।
इंडस्ट्री, निवेश और वैश्विक अर्थव्यवस्था — तीनों के दबाव ने चांदी को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
बाजार पर नजर बनाए रखें, आगे और उतार-चढ़ाव संभव है।
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