BREAKING NEWS: कुत्ते के काटने से भैंस की मौत, उसी के दूध का रायता खाने से गांव में दहशत, 200 लोगों ने लगवाया रेबीज का टीका
बदायूं (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। उझानी क्षेत्र में कुत्ते के काटने से एक भैंस की मौत के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। भैंस के दूध से बने रायते का सेवन करने वाले ग्रामीणों में डर इस कदर फैल गया कि महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत करीब 200 लोग रेबीज का टीका लगवाने अस्पताल पहुंच गए।
📍 बदायूं के पिपरौल गांव का मामला

यह मामला उझानी थाना क्षेत्र के पिपरौल गांव का है।
ग्रामीणों के अनुसार:
- 23 दिसंबर को गांव में तेरहवीं संस्कार का आयोजन हुआ
- पूरे गांव को दावत दी गई
- दावत में दही से बना रायता भी परोसा गया
बाद में यह जानकारी सामने आई कि जिस भैंस के दूध से दही जमाई गई थी, उसे कुछ दिन पहले एक पागल कुत्ते ने काट लिया था।
🐃 26 दिसंबर को भैंस की मौत, फैली दहशत

ग्रामीणों ने बताया कि:
- 26 दिसंबर को कुत्ते के काटने से भैंस की मौत हो गई
- मौत के बाद गांव में संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई
- रायता खाने वाले लोगों में डर और अफरा-तफरी मच गई
इसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), उझानी पहुंचे।
💉 200 से ज्यादा ग्रामीणों ने लगवाया रेबीज का टीका
डर के माहौल में:
- पुरुष, महिलाएं और युवा
- छोटे बच्चे और बुजुर्ग
सभी ने एहतियात के तौर पर रेबीज का टीका लगवाया।
शनिवार और रविवार को अस्पताल में टीकाकरण के लिए भारी भीड़ देखी गई।
🗣️ ग्रामीणों ने क्या कहा?
ग्रामीण जशोदा देवी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा:
“तेरहवीं में पूरे गांव ने रायता खाया था। बाद में पता चला कि भैंस को कुत्ते ने काटा था और उसकी मौत हो गई। इसी डर से सभी लोग टीका लगवाने पहुंचे।”
ग्रामीण कौशल कुमार ने बताया:
“भैंस को पागल कुत्ते ने काटा था, लेकिन इसकी जानकारी नहीं थी। उसी दूध से दही और रायता बना दिया गया। इसके बाद लोगों को डर लगने लगा।”
👨⚕️ डॉक्टरों की टीम ने क्या कहा?
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बताया:
- भैंस को पागल कुत्ते ने काटा था
- रेबीज के लक्षणों के कारण उसकी मौत की आशंका
- ग्रामीणों ने उसी दूध से बनी दही का रायता खाया था
उन्होंने कहा:
“आमतौर पर दूध उबालने के बाद रेबीज फैलने की संभावना नहीं रहती, लेकिन किसी भी संभावित जोखिम से बचने के लिए एहतियातन टीकाकरण कराया गया है।”
🛑 स्वास्थ्य विभाग का बयान
- फिलहाल गांव में कोई बीमारी नहीं फैली है
- स्थिति पूरी तरह सामान्य है
- सभी को सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की सलाह
⚠️ लोगों के लिए जरूरी सलाह
- किसी भी जानवर के काटने की जानकारी तुरंत दें
- बीमार या मरे जानवर का दूध/मांस उपयोग न करें
- संदेह की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
- अफवाहों पर ध्यान न दें
📌 निष्कर्ष
बदायूं के इस मामले ने ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी और डर की गंभीर तस्वीर सामने रखी है। हालांकि डॉक्टरों के अनुसार संक्रमण का खतरा बेहद कम है, लेकिन एहतियातन उठाया गया कदम लोगों की जान बचाने के लिहाज से जरूरी माना जा रहा है।
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