बच्चे मोबाइल में व्यस्त, इधर बंदरों ने पार्क में लिया झूले का मजा
वायरल वीडियो देख बन जाएगा दिन, लोग बोले– यही है असली खुशी
कभी बच्चों की किलकारियों और ठहाकों से गूंजने वाले पार्क आज अक्सर सूने नजर आते हैं। झूले, स्लाइड और सी-सॉ अब भी वहीं हैं, लेकिन उन पर खेलने वाले बच्चे कम और मोबाइल स्क्रीन में खोए नन्हे हाथ ज्यादा दिखते हैं। समय के साथ बच्चों की दुनिया बदल गई है—खुले मैदानों की जगह मोबाइल गेम्स, वीडियो और सोशल मीडिया ने ले ली है।
इसी बदलते दौर के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो लोगों का दिल जीत रहा है, जिसमें पार्क तो गुलजार है… लेकिन बच्चों से नहीं, बंदरों की मस्ती से।
पार्क बना बंदरों का प्लेग्राउंड
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पार्क में लगे बच्चों के झूले और स्लाइड पर बंदरों की पूरी फैमिली खेलती नजर आ रही है। वीडियो में सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है एक पीली स्लाइड, जिस पर एक-एक करके बंदर फिसलते दिखाई देते हैं।
पहले एक बंदर पूरे कॉन्फिडेंस के साथ स्लाइड से नीचे आता है, फिर दूसरा बंदर ऊपर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करता है। जैसे ही वह नीचे पहुंचता है, उसकी खुशी देखने लायक होती है। आसपास और भी बंदर घूमते नजर आते हैं, मानो पूरा पार्क उनका निजी खेल मैदान बन गया हो।
इस पूरे नजारे में न कोई डर है, न कोई हड़बड़ी—बस मस्ती, खेल और आज़ादी।
इंसानों के खाली किए पार्क, प्रकृति ने भर दी जगह
वीडियो देखने के बाद लोग सिर्फ हंस ही नहीं रहे, बल्कि सोचने पर भी मजबूर हो गए हैं। कई यूजर्स का कहना है कि यह वीडियो आज के डिजिटल युग की सच्चाई को बखूबी दिखाता है।
जहां इंसान टेक्नोलॉजी और मोबाइल की दुनिया में उलझ गया है, वहीं प्रकृति ने इंसानों की छोड़ी हुई जगह को अपना लिया है। बच्चों के लिए बनाए गए झूले अब बंदरों के लिए खुशी का साधन बन गए हैं।
सोशल मीडिया पर आए मजेदार रिएक्शन
यह वीडियो सामने आते ही तेजी से वायरल हो गया। लाखों लोग इसे देख चुके हैं और हजारों कमेंट्स आ रहे हैं।
- एक यूजर ने लिखा, “पार्क बच्चों के लिए बने थे, लेकिन अब बंदर ही खेल रहे हैं।”
- दूसरे ने तंज कसते हुए कहा, “बच्चे रील बना रहे हैं और बंदर असली जिंदगी जी रहे हैं।”
- वहीं कई लोगों ने इसे “डिजिटल युग पर करारा व्यंग्य” बताया।
कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि यह वीडियो याद दिलाता है कि असली खुशी कितनी सरल होती है—न मोबाइल चाहिए, न महंगे खिलौने, बस खुली जगह और खेलने का मौका।
‘यही है असली खुशी’ – लोगों की राय
कई लोगों के लिए यह वीडियो सिर्फ मजेदार नहीं, बल्कि सीख देने वाला भी है। यूजर्स का कहना है कि बच्चे आज बाहर खेलना भूलते जा रहे हैं, जबकि खेल और प्रकृति से जुड़ाव मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद जरूरी है।

एक यूजर ने लिखा,
“ये बंदर हमें सिखा रहे हैं कि खुशी पाने के लिए ज्यादा कुछ नहीं चाहिए।”
कहां से आया वीडियो?
यह वायरल वीडियो @kaliyug_wale नाम के एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो को अब तक लाखों बार देखा जा चुका है और शेयरिंग लगातार बढ़ती जा रही है।
निष्कर्ष
यह वीडियो सिर्फ बंदरों की मस्ती नहीं दिखाता, बल्कि हमारे समाज की बदलती प्राथमिकताओं की तस्वीर भी पेश करता है। जहां बच्चे मोबाइल में व्यस्त हैं, वहीं प्रकृति अपनी मासूम मस्ती के साथ इंसानों की जगह ले रही है।
शायद यह वीडियो हमें एक छोटा सा संदेश दे रहा है—
मोबाइल से नजर हटाइए, बाहर आइए, और जिंदगी को खेल की तरह जीना सीखिए।
क्योंकि कभी-कभी, सबसे बड़ी खुशी झूले की एक स्लाइड में ही छुपी होती है। 😊
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