पोस्ट ऑफिस की ‘सुपरहिट’ स्कीम: ₹8 लाख की एकमुश्त जमा पर ₹3.28 लाख ब्याज, वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्यों है यह सबसे भरोसेमंद निवेश?
भारत में जब भी सुरक्षित निवेश और तय रिटर्न की बात होती है, तो पोस्ट ऑफिस की योजनाओं का नाम सबसे पहले लिया जाता है। खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizen Savings Scheme – SCSS) को सबसे भरोसेमंद और फायदेमंद स्कीम माना जाता है। मौजूदा समय में जब बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है, शेयर बाजार जोखिम भरा लग सकता है और बैंक एफडी पर ब्याज दरें सीमित हैं, ऐसे में SCSS एक ऐसा विकल्प है जो सुरक्षा, स्थिरता और शानदार ब्याज—तीनों का भरोसा देता है।
अगर कोई वरिष्ठ नागरिक इस योजना में ₹8,00,000 की एकमुश्त राशि निवेश करता है, तो उसे 5 साल में कुल ₹3,28,000 का फिक्स ब्याज मिल सकता है। यानी मैच्योरिटी पर कुल रकम ₹11,28,000 हो जाती है। यही वजह है कि यह स्कीम रिटायरमेंट के बाद नियमित आय और पूंजी की सुरक्षा के लिए बेहद लोकप्रिय बन चुकी है।
क्या है वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (SCSS)?
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना भारत सरकार द्वारा समर्थित एक छोटी बचत योजना है, जिसे पोस्ट ऑफिस और कुछ चुनिंदा बैंकों के जरिए चलाया जाता है। इस योजना का मकसद रिटायर हो चुके या रिटायरमेंट की उम्र पार कर चुके नागरिकों को नियमित आय का सुरक्षित स्रोत उपलब्ध कराना है।

इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिलने वाला ब्याज सरकार तय करती है और यह पूरी तरह सुरक्षित होता है। यानी बाजार के उतार-चढ़ाव का इस पर कोई असर नहीं पड़ता।
मौजूदा ब्याज दर: क्यों है यह स्कीम खास?
1 अप्रैल 2023 से वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर 8.20% सालाना ब्याज मिल रहा है। मौजूदा समय में यह ब्याज दर कई बैंक एफडी और अन्य सुरक्षित निवेश विकल्पों से ज्यादा है।
- ब्याज की गणना तिमाही आधार पर होती है
- हर तीन महीने में खाताधारक को ब्याज मिलता है
- ब्याज सीधे खाते में ट्रांसफर किया जाता है
यह खासतौर पर उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें रिटायरमेंट के बाद हर महीने या हर तिमाही नियमित खर्चों के लिए पैसों की जरूरत होती है।
₹8,00,000 जमा करने पर कैसे मिलेगा ₹3,28,000 का ब्याज?
अगर कोई वरिष्ठ नागरिक SCSS में ₹8 लाख एकमुश्त जमा करता है, तो इसका ब्याज कैलकुलेशन कुछ इस तरह होगा:
- जमा राशि: ₹8,00,000
- ब्याज दर: 8.20% प्रति वर्ष
- अवधि: 5 साल
5 साल में कुल ब्याज = ₹3,28,000 (लगभग)
इस तरह मैच्योरिटी पर कुल रकम =
₹8,00,000 + ₹3,28,000 = ₹11,28,000
अगर खाताधारक चाहे तो पूरी रकम 5 साल बाद एक साथ ले सकता है या फिर हर तिमाही ब्याज के रूप में आय प्राप्त कर सकता है।
तिमाही ब्याज कितना मिलेगा?
₹8 लाख की जमा पर लगभग ₹16,400 प्रति तिमाही ब्याज मिलता है।
यानी साल भर में लगभग ₹65,600 की नियमित आय।
मैच्योरिटी और एक्सटेंशन का विकल्प

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की मूल मैच्योरिटी 5 साल होती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि:
- 5 साल पूरे होने के बाद
- खाताधारक इसे अतिरिक्त 3 साल के लिए बढ़ा सकता है
इस तरह कुल निवेश अवधि 8 साल तक हो सकती है। एक्सटेंशन के दौरान भी ब्याज मिलता रहता है, हालांकि ब्याज दर उस समय सरकार द्वारा तय की गई दर के अनुसार होगी।
न्यूनतम और अधिकतम निवेश सीमा
SCSS में निवेश को लेकर सरकार ने स्पष्ट नियम तय किए हैं:
- न्यूनतम निवेश: ₹1,000
- निवेश ₹1,000 के गुणक में होना चाहिए
- अधिकतम निवेश: ₹30 लाख
यानी कोई भी वरिष्ठ नागरिक अपनी जरूरत और क्षमता के अनुसार इस सीमा के भीतर निवेश कर सकता है।
अकाउंट सिंगल या जॉइंट—दोनों विकल्प उपलब्ध
इस योजना में खाता खोलने के लिए कई विकल्प दिए गए हैं:
- व्यक्ति अकेले (सिंगल अकाउंट) खाता खोल सकता है
- पति/पत्नी के साथ संयुक्त (जॉइंट अकाउंट) भी खोला जा सकता है
हालांकि, जॉइंट अकाउंट में जमा राशि और ब्याज पर पहला अधिकार पहले खाताधारक का होता है। पति-पत्नी दोनों अलग-अलग अपने-अपने नाम से सिंगल अकाउंट भी खोल सकते हैं और चाहें तो एक जॉइंट अकाउंट भी रख सकते हैं।
नॉमिनी की सुविधा
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में खाताधारक को:
- एक या एक से अधिक नॉमिनी जोड़ने की सुविधा मिलती है
- जरूरत पड़ने पर नॉमिनी को बदला या रद्द भी किया जा सकता है
यह सुविधा परिवार के लिए सुरक्षा का एक अतिरिक्त कवच प्रदान करती है।
निकासी से जुड़े नियम
SCSS को दीर्घकालिक और सुरक्षित निवेश बनाए रखने के लिए इसमें कुछ सख्त नियम रखे गए हैं:
- पूरी राशि की वापसी 5 साल बाद (या एक्सटेंशन के बाद 8 साल में) होती है
- एक से अधिक बार आंशिक निकासी की अनुमति नहीं है
- समय से पहले खाता बंद करने पर कुछ पेनल्टी लग सकती है
इन नियमों का मकसद निवेशकों को लंबे समय तक सुरक्षित रिटर्न देना है।
कौन खोल सकता है वरिष्ठ नागरिक बचत योजना खाता?
इस योजना के लिए पात्रता मानदंड बिल्कुल साफ हैं:
- 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले व्यक्ति
- 55 से 60 वर्ष के बीच वे व्यक्ति, जो सेवानिवृत्त (सुपरऐन्युएशन) हो चुके हों
- रक्षा सेवाओं से सेवानिवृत्त कर्मी, जिन्होंने 50 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो
कौन नहीं खोल सकता खाता?
- एनआरआई (Non-Resident Indian)
- हिन्दू अविभाजित परिवार (HUF)
ये वर्ग इस योजना के तहत खाता खोलने के पात्र नहीं हैं।
टैक्स से जुड़े नियम
SCSS से मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है। अगर ब्याज आय तय सीमा से ज्यादा होती है, तो उस पर TDS भी कट सकता है। हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों को आयकर कानून के तहत कुछ अतिरिक्त छूट और लाभ मिलते हैं, जिससे टैक्स का बोझ कम हो सकता है।
क्यों वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘बेस्ट ऑप्शन’ है यह स्कीम?
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना को खास बनाती हैं ये बातें:
- भारत सरकार की गारंटी
- बाजार जोखिम से पूरी तरह मुक्त
- तिमाही नियमित आय
- बैंक एफडी से ज्यादा ब्याज
- सरल नियम और आसान खाता खोलने की प्रक्रिया
रिटायरमेंट के बाद जब सबसे बड़ी चिंता नियमित आय और पूंजी की सुरक्षा होती है, तब यह स्कीम एक मजबूत सहारा बनकर सामने आती है।
निष्कर्ष
अगर आप या आपके परिवार में कोई वरिष्ठ नागरिक हैं और एक ऐसा निवेश विकल्प ढूंढ रहे हैं जो सुरक्षित हो, तय रिटर्न दे और नियमित आय का जरिया बने, तो पोस्ट ऑफिस की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना एक बेहतरीन विकल्प है। ₹8 लाख की एकमुश्त जमा पर ₹3.28 लाख का फिक्स ब्याज इस बात का साफ संकेत है कि यह स्कीम न सिर्फ भरोसेमंद है, बल्कि आर्थिक रूप से भी बेहद फायदेमंद है।
बढ़ती महंगाई और अनिश्चित बाजार के दौर में SCSS जैसे सरकारी निवेश विकल्प वरिष्ठ नागरिकों के लिए आर्थिक स्थिरता और मानसिक सुकून दोनों प्रदान करते हैं।
ये भी पढ़ें: कौन हैं कार्तिक शर्मा? IPL ऑक्शन में मचा हंगामा


