EV खरीदने पर सरकार का बड़ा गिफ्ट: 39 हजार तक की सब्सिडी, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ
देश की राजधानी दिल्ली इस वक्त गंभीर वायु प्रदूषण की मार झेल रही है। हर साल सर्दियों के मौसम में दिल्ली की हवा जहरीली हो जाती है और इसका सबसे बड़ा कारण माना जाता है ट्रांसपोर्ट सेक्टर से निकलने वाला धुआं। इन्हीं हालातों को देखते हुए दिल्ली सरकार अब बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार बहुत जल्द नई Delhi EV Policy लागू करने वाली है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने वालों को मोटी सब्सिडी, रोड टैक्स में 100 फीसदी छूट और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी राहत मिलेगी। इसे आम लोगों के लिए नए साल से पहले एक बड़े तोहफे के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदूषण से जंग और EV पर सरकार का फोकस
दिल्ली सरकार का साफ मानना है कि राजधानी में प्रदूषण की समस्या तब तक कंट्रोल नहीं की जा सकती, जब तक पेट्रोल और डीजल से चलने वाली गाड़ियों की संख्या कम नहीं की जाती। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में कुल प्रदूषण का करीब 25 से 30 फीसदी हिस्सा ट्रांसपोर्ट सेक्टर से आता है। यही वजह है कि सरकार अब इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा देना चाहती है।

दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने साफ किया है कि सरकार का लक्ष्य आने वाले कुछ वर्षों में ट्रांसपोर्ट सेक्टर से होने वाले प्रदूषण को 25 से 30 फीसदी तक कम करना है। इसके लिए EV को सबसे मजबूत हथियार माना जा रहा है।
कब लागू होगी नई EV पॉलिसी?
परिवहन मंत्री के मुताबिक, अगले 15 से 20 दिनों के भीतर दिल्ली में नई EV पॉलिसी लागू कर दी जाएगी। इस पॉलिसी के लागू होते ही इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को कई तरह की आर्थिक राहत मिलेगी। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को छोड़कर इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ शिफ्ट करें।
EV खरीदने पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
नई दिल्ली EV पॉलिसी के तहत सबसे ज्यादा फायदा टू-व्हीलर खरीदने वालों को मिलने वाला है। सरकार की योजना के मुताबिक:
- इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर पर 10,000 रुपये प्रति किलोवाट (kWh) की सब्सिडी दी जाएगी
- अधिकतम सब्सिडी की सीमा 30,000 रुपये तक हो सकती है
- महिलाओं के लिए खास इंसेंटिव की तैयारी है, जिसके तहत उन्हें करीब 36,000 रुपये तक का लाभ मिल सकता है
यानी अगर कोई महिला इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदती है, तो उसे सामान्य सब्सिडी से ज्यादा फायदा मिलने की संभावना है।
39 हजार का फायदा कैसे मिलेगा?
सरकार की इस नई EV पॉलिसी में सब्सिडी के अलावा भी बड़े फायदे शामिल हैं। अगर सब्सिडी, रोड टैक्स छूट और रजिस्ट्रेशन फीस की बचत को जोड़ा जाए, तो कुल फायदा करीब 39,000 रुपये या उससे ज्यादा तक हो सकता है।
- सब्सिडी: 30,000 से 36,000 रुपये तक
- रोड टैक्स: 100% माफ
- रजिस्ट्रेशन फीस: पूरी तरह माफ
इन सभी को मिलाकर इलेक्ट्रिक वाहन की ऑन-रोड कीमत में बड़ा अंतर देखने को मिलेगा।
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ
दिल्ली सरकार की इस EV पॉलिसी का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस शून्य कर दी जाएगी। आमतौर पर किसी भी नई गाड़ी की ऑन-रोड कीमत में रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस का बड़ा हिस्सा होता है।
EV खरीदने पर जब ये दोनों खर्च पूरी तरह खत्म हो जाएंगे, तो गाड़ी की कीमत हजारों रुपये तक कम हो जाएगी। इससे मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों के लिए EV खरीदना आसान हो जाएगा।
सरकार क्यों दे रही है इतना बड़ा प्रोत्साहन?

सरकार का मानना है कि सिर्फ अपील करने से लोग पेट्रोल-डीजल गाड़ियां छोड़कर EV नहीं खरीदेंगे। जब तक आर्थिक फायदा नहीं मिलेगा, तब तक बदलाव संभव नहीं है। इसलिए सरकार ने EV को सस्ता और फायदेमंद बनाने का फैसला किया है।
इसके पीछे तीन बड़े मकसद हैं:
- प्रदूषण में कमी
- फ्यूल पर निर्भरता कम करना
- ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना
GRAP स्टेज-4 और सख्त नियम
दिल्ली में जब प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर श्रेणी में पहुंच गया, तो सरकार ने GRAP (Graded Response Action Plan) स्टेज-4 लागू कर दिया। यह GRAP का सबसे सख्त स्तर होता है, जिसमें गाड़ियों के चलने से लेकर उनकी एंट्री और फ्यूल सप्लाई तक पर कड़े नियम लगाए जाते हैं।
दिल्ली में किन गाड़ियों की एंट्री पर रोक?
GRAP स्टेज-4 के तहत दिल्ली में बाहरी राज्यों से आने वाली गाड़ियों पर भी सख्ती की गई है।
- सिर्फ BS-6 मानक वाली गाड़ियों को ही दूसरे राज्यों से दिल्ली में एंट्री की अनुमति होगी
- BS-2, BS-3 और BS-4 कैटेगरी की गाड़ियों की एंट्री पर पूरी तरह रोक रहेगी
- यह प्रतिबंध प्राइवेट कार, टैक्सी, स्कूल बस और कमर्शियल गाड़ियों पर भी लागू होगा
सरकार का साफ संदेश है कि पुरानी और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के लिए अब दिल्ली में जगह नहीं है।
दिल्ली में चल रही बाहरी गाड़ियों की जांच
दिल्ली में पहले से चल रही दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड गाड़ियों पर भी नजर रखी जाएगी। ट्रैफिक पुलिस और संबंधित विभाग ऐसे वाहनों की जांच करेंगे कि वे किस BS मानक के हैं। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और कार्रवाई तय है।
EV को बढ़ावा देने की बड़ी रणनीति

दिल्ली सरकार की EV पॉलिसी सिर्फ सब्सिडी तक सीमित नहीं है। सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है।
- सार्वजनिक जगहों पर ज्यादा EV चार्जिंग स्टेशन
- हाउसिंग सोसायटी और ऑफिस कॉम्प्लेक्स में चार्जिंग पॉइंट
- ई-रिक्शा और ई-ऑटो को बढ़ावा
इन कदमों से EV यूजर्स को चार्जिंग की चिंता से राहत मिलेगी।
आम जनता को क्या फायदा होगा?
नई EV पॉलिसी से आम लोगों को कई तरह के फायदे होंगे:
- पेट्रोल-डीजल के बढ़ते खर्च से राहत
- मेंटेनेंस कॉस्ट कम
- प्रदूषण कम होने से बेहतर स्वास्थ्य
- सरकार की तरफ से सीधा आर्थिक लाभ
लंबे समय में EV चलाना पारंपरिक गाड़ियों की तुलना में ज्यादा किफायती साबित हो सकता है।
क्या EV ही भविष्य है?
दिल्ली सरकार का साफ मानना है कि भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों का ही है। जिस तरह से पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं और प्रदूषण गंभीर होता जा रहा है, उसमें EV एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रहे हैं।
सरकार की यह पॉलिसी न सिर्फ पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि आम आदमी की जेब पर भी बोझ कम करने वाली है।
निष्कर्ष
दिल्ली सरकार की नई EV पॉलिसी राजधानी के लोगों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित हो सकती है। 39 हजार रुपये तक का फायदा, रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी छूट और सख्त प्रदूषण नियम—ये सभी संकेत देते हैं कि सरकार अब प्रदूषण के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में है।
अगर यह पॉलिसी जमीन पर सही तरीके से लागू होती है, तो आने वाले समय में दिल्ली की सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है और राजधानी की हवा को कुछ हद तक राहत जरूर मिल सकती है।
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