कब से किसानों को मिलेगा KCC पर 5 लाख तक का लोन? बजट के ऐलान के बाद जानिए पूरी जानकारी
देश के करोड़ों किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card – KCC) से जुड़ी एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश किए गए बजट 2025 में KCC के तहत मिलने वाले शॉर्ट टर्म लोन की सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का ऐलान किया था। अब सवाल यह है कि यह फैसला कब से लागू होगा और किसानों को इसका फायदा कब मिलने लगेगा।
कब से लागू होगी 5 लाख रुपये की KCC लोन लिमिट?

सरकारी सूत्रों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, KCC लोन लिमिट बढ़ाने का यह फैसला अगले वित्त वर्ष, यानी 1 अप्रैल 2025 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2025-26 से लागू होने की पूरी संभावना है।
अधिकारियों का कहना है कि इससे जुड़े प्रस्ताव और मूल्यांकन रिपोर्ट पर अभी वित्त मंत्रालय की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन सरकार का इरादा है कि इसे नए वित्त वर्ष से ही लागू किया जाए, ताकि किसानों को खेती के मौसम में अधिक वर्किंग कैपिटल मिल सके।
बजट में क्या कहा था वित्त मंत्री ने?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था—
“KCC के जरिए 77 मिलियन (7.7 करोड़) किसान, मछुआरे और डेयरी किसान शॉर्ट टर्म लोन का लाभ उठा रहे हैं। संशोधित इंटरेस्ट सबवेंशन योजना के तहत KCC लोन की सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जाएगी।”
इस फैसले से करीब 7.75 करोड़ किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
ब्याज में भी मिलेगी राहत

KCC धारकों के लिए सिर्फ लोन लिमिट ही नहीं बढ़ाई जा रही, बल्कि ब्याज दर में छूट का फायदा भी जारी रहेगा।
- 3 लाख रुपये तक के KCC लोन पर ब्याज दर:
- 7% सालाना
- समय पर लोन चुकाने पर अतिरिक्त छूट:
- 3%
- प्रभावी ब्याज दर:
- सिर्फ 4%
Financial Express की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने Interest Subvention Scheme (ISS) यानी ब्याज सबवेंशन योजना को आगे बढ़ाने के लिए मंजूरी दे दी है। इसके तहत किसानों को 1.5% तक ब्याज में अतिरिक्त राहत भी मिल सकती है।
सरकार का मकसद क्या है?
इस फैसले के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य है—
- कृषि क्षेत्र में पर्याप्त क्रेडिट फ्लो सुनिश्चित करना
- किसानों की वर्किंग कैपिटल जरूरतें पूरी करना
- खेती, पशुपालन और मछली पालन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना
एक अधिकारी के मुताबिक,
“इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम से जुड़ी रिपोर्ट पर व्यय वित्त समिति (Expenditure Finance Committee) विचार कर रही है। हमें उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष से KCC के तहत शॉर्ट टर्म क्रेडिट की बढ़ी हुई सीमा लागू हो जाएगी।”
अभी कितने लोन का इस्तेमाल कर रहे हैं किसान?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार—
- देश में इस समय करीब 7.71 करोड़ सक्रिय KCC हैं
- इनमें किसान, पशुपालक और मछुआरे शामिल हैं
- फिलहाल प्रति KCC धारक औसतन 1.6 लाख रुपये का ही शॉर्ट टर्म लोन लिया जा रहा है
यानी भले ही सीमा 3 लाख रुपये की है, लेकिन ज्यादातर किसान जरूरत और उपलब्धता के अनुसार इससे कम लोन ले रहे हैं। सीमा बढ़ाकर 5 लाख करने से किसानों के पास जरूरत पड़ने पर अधिक फंड का विकल्प मौजूद रहेगा।
बिना गारंटी लोन पर भी राहत
RBI ने पहले ही KCC धारकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया था—
- बिना गारंटी (Collateral Free) लोन की सीमा
- पहले: 1.6 लाख रुपये
- अब: 2 लाख रुपये
इससे छोटे और सीमांत किसानों को बैंकों से लोन लेने में और आसानी हुई है।
किसानों के लिए क्या बदलेगा?
KCC लोन लिमिट 5 लाख होने से किसानों को—
- बीज, खाद, कीटनाशक जैसी जरूरतों के लिए अधिक पूंजी
- फसल कटाई और भंडारण में आसानी
- पशुपालन और डेयरी व्यवसाय के विस्तार का मौका
- साहूकारों पर निर्भरता में कमी
जैसे कई फायदे मिल सकते हैं।
निष्कर्ष
KCC पर 5 लाख रुपये तक का लोन मिलने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो 1 अप्रैल 2025 से किसानों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। कम ब्याज दर और बढ़ी हुई लोन सीमा के साथ यह कदम खेती-किसानी को आर्थिक रूप से और मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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