Post Office KVP Scheme: ₹2 लाख जमा करें और गारंटी के साथ पाएं ₹2 लाख का फिक्स ब्याज, जानें पूरी डिटेल
अगर आप सुरक्षित निवेश (Safe Investment) की तलाश में हैं और चाहते हैं कि आपका पैसा बिना किसी जोखिम के तय समय में डबल हो जाए, तो पोस्ट ऑफिस की किसान विकास पत्र (KVP) स्कीम आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। यह योजना खासतौर पर उन निवेशकों के लिए बनाई गई है जो शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर गारंटीड रिटर्न चाहते हैं।
सरकार ने 1 जनवरी से शुरू चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के लिए पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इसका मतलब है कि किसान विकास पत्र पर मिलने वाला 7.5% का ब्याज फिलहाल जारी रहेगा।
क्या है किसान विकास पत्र (KVP) स्कीम?

किसान विकास पत्र पोस्ट ऑफिस की एक छोटी बचत योजना है, जिसमें किया गया निवेश तय अवधि में सीधे दोगुना हो जाता है। यह योजना पूरी तरह से सरकार समर्थित है, इसलिए इसमें निवेश पर किसी तरह का जोखिम नहीं होता।
- ब्याज दर: 7.5% प्रति वर्ष (चक्रवृद्धि)
- मैच्योरिटी अवधि: 115 महीने (9 साल 7 महीने)
- निवेश का तरीका: एकमुश्त (Lump Sum)
- रिटर्न: गारंटीड और फिक्स
₹2 लाख निवेश पर कैसे मिलेगा ₹4 लाख?

अगर आप किसान विकास पत्र में ₹2,00,000 का एकमुश्त निवेश करते हैं, तो तय मैच्योरिटी अवधि यानी 9 साल 7 महीने के बाद आपका पैसा पूरी तरह डबल हो जाएगा।
👉 निवेश राशि: ₹2,00,000
👉 मिलेगा फिक्स ब्याज: ₹2,00,000
👉 मैच्योरिटी अमाउंट: ₹4,00,000
यानी आपको बिना किसी टेंशन के ₹2 लाख का पक्का फायदा मिलेगा।
क्यों खास है KVP स्कीम?
किसान विकास पत्र को पोस्ट ऑफिस की सबसे भरोसेमंद स्कीम्स में गिना जाता है। इसके पीछे कई मजबूत वजहें हैं—
✅ 1. सरकार की गारंटी
यह योजना पूरी तरह भारत सरकार द्वारा समर्थित है, इसलिए इसमें निवेश पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है।
✅ 2. फिक्स और सुनिश्चित रिटर्न
मार्केट की चाल से कोई फर्क नहीं पड़ता। मैच्योरिटी पर पैसा तय समय में डबल मिलेगा।
✅ 3. निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं
आप इसमें ₹1,000 से लेकर कितनी भी बड़ी रकम निवेश कर सकते हैं।
✅ 4. सिंगल और जॉइंट अकाउंट की सुविधा
- सिंगल अकाउंट
- जॉइंट अकाउंट (अधिकतम 3 लोग)
✅ 5. छोटे निवेश से शुरुआत
अगर आपके पास बड़ी रकम नहीं है, तो भी आप ₹1,000 से खाता खुलवा सकते हैं।
क्या KVP में टैक्स छूट मिलती है?
यहां निवेश करने से पहले टैक्स से जुड़ी बात जानना बेहद जरूरी है।
- KVP में निवेश पर धारा 80C के तहत टैक्स छूट नहीं मिलती।
- मैच्योरिटी पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है।
- हालांकि, इस पर TDS नहीं काटा जाता, लेकिन ब्याज को अपनी इनकम में जोड़कर टैक्स देना होता है।
क्या बीच में पैसा निकाल सकते हैं?
किसान विकास पत्र एक लॉन्ग टर्म स्कीम है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में समय से पहले निकासी की सुविधा भी मिलती है—
- 2 साल 6 महीने पूरे होने के बाद अकाउंट बंद किया जा सकता है।
- खाताधारक की मृत्यु, कोर्ट के आदेश या फॉरफीचर जैसी स्थिति में समय से पहले भुगतान संभव है।
हालांकि, पूरी रकम डबल होने का फायदा तभी मिलेगा जब आप इसे मैच्योरिटी तक बनाए रखें।
KVP बनाम Fixed Deposit (FD)

| फीचर | KVP | बैंक FD |
|---|---|---|
| सुरक्षा | पूरी सरकारी गारंटी | बैंक पर निर्भर |
| ब्याज | 7.5% (डबल रिटर्न) | 6–7% |
| रिटर्न | फिक्स और डबल | फिक्स |
| टैक्स | ब्याज टैक्सेबल | ब्याज टैक्सेबल |
| जोखिम | शून्य | बहुत कम |
कौन लोग करें KVP में निवेश?
किसान विकास पत्र खासतौर पर इन लोगों के लिए फायदेमंद है—
- रिटायरमेंट की प्लानिंग करने वाले
- बच्चों के भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश चाहने वाले
- जोखिम से दूर रहने वाले निवेशक
- गारंटीड रिटर्न चाहने वाले लोग
निष्कर्ष
अगर आप चाहते हैं कि आपका पैसा बिल्कुल सुरक्षित रहे और तय समय में डबल होकर वापस मिले, तो पोस्ट ऑफिस की किसान विकास पत्र (KVP) स्कीम एक शानदार विकल्प है। ₹2 लाख जमा करके ₹4 लाख पाना आज के समय में बिना जोखिम के बहुत बड़ी बात है।
लॉन्ग टर्म और सेफ इन्वेस्टमेंट के लिए KVP उन लोगों के लिए एक मजबूत विकल्प है, जो भरोसे और स्थिरता को प्राथमिकता देते हैं।
ये भी पढ़ें: कौन हैं कार्तिक शर्मा? IPL ऑक्शन में मचा हंगामा


