Friday, January 23, 2026
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मोदी का सख्त रुख — ब्लास्ट की हर साजिश का होगा अंत

दिल्ली ब्लास्ट पर भूटान में बोले प्रधानमंत्री मोदी — “किसी भी साजिशकर्ता को बख्शा नहीं जाएगा”

भारत की राजधानी दिल्ली में लाल किला के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस धमाके में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास खड़ी गाड़ियां और पैदल चल रहे लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे की गूंज न सिर्फ देश, बल्कि विदेश तक पहुंची है। इसी बीच भूटान दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और सख्त चेतावनी दी है कि “किसी भी साजिशकर्ता को बख्शा नहीं जाएगा।”


भूटान से प्रधानमंत्री मोदी का कड़ा संदेश

सोमवार रात लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए इस विस्फोट के बाद मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान से बयान दिया। उन्होंने कहा कि,

“दिल्ली में हुई भयावह घटना ने सभी के मन को व्यथित कर दिया है। मैं भूटान बहुत भारी मन से आया हूं। पूरी रात इस घटना की जांच से जुड़ी एजेंसियों के साथ मीटिंग करता रहा। पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। मैं पीड़ित परिवारों का दर्द समझता हूं। एजेंसियां इस साजिश की तह तक जाएंगी। किसी भी साजिशकर्ता को बख्शा नहीं जाएगा।”

उन्होंने अंग्रेजी में भी कहा —

“All those responsible will be brought to justice.”

यह बयान साफ संकेत देता है कि केंद्र सरकार इस धमाके को सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि योजनाबद्ध आतंकी साजिश के रूप में देख रही है।


क्या हुआ था धमाके वाली रात?

10 नवंबर की शाम करीब 7:15 बजे, लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक सफेद रंग की कार में तेज धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार धीमी गति से आगे बढ़ रही थी तभी अचानक उसमें विस्फोट हुआ और आसपास अफरातफरी मच गई।

  • आसपास खड़ी तीन गाड़ियां जलकर राख हो गईं।
  • दर्जनों लोग सड़क पर गिर पड़े।
  • धमाके की आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।
  • मेट्रो सेवा कुछ देर के लिए रोक दी गई।

दमकल विभाग और एनडीआरएफ की कई टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया।


दिल्ली पुलिस और एजेंसियां अलर्ट पर

धमाके के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, एनआईए, आईबी और एनएसजी की टीमें मौके पर पहुंचीं।
जांच एजेंसियों ने इलाके से कई सीसीटीवी फुटेज और कार के मलबे से सबूत इकट्ठा किए हैं।

सूत्रों के अनुसार:

  • कार में आईईडी (Improvised Explosive Device) का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।
  • विस्फोटक रिमोट डिवाइस से ट्रिगर किया गया।
  • शुरुआती जांच में पाकिस्तान और खालिस्तानी नेटवर्क की भूमिका पर भी नजर रखी जा रही है।

पुलिस ने फिलहाल कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।


मृतकों और घायलों का हाल

दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा के मुताबिक,

“अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक लोग घायल हैं। कई की हालत गंभीर है।”

घायलों को एलएनजेपी, राम मनोहर लोहिया, और जीबी पंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
सरकार ने सभी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा है।
पीड़ितों के परिवारों के लिए आपातकालीन सहायता केंद्र भी बनाया गया है।


भूटान ने भी जताया शोक

प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुए एक संयुक्त प्रेस बयान में भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग टोबगे ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा:

“दिल्ली में हुए इस भयावह विस्फोट ने हम सबको दुखी किया है। हम भारत की जनता और सरकार के साथ एकजुटता व्यक्त करते हैं। मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं हैं।”

भूटान के शाही परिवार ने भी भारतीय दूतावास के माध्यम से विशेष प्रार्थना सभा आयोजित करने की घोषणा की है।


भारत की सुरक्षा एजेंसियां सख्त मोड में

जांच एजेंसियों ने धमाके को लेकर मल्टी-एजेंसी टास्क फोर्स बनाई है, जिसमें शामिल हैं:

  • एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी)
  • आईबी (खुफिया ब्यूरो)
  • एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड)
  • दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल

ये सभी टीमें मिलकर धमाके के पीछे के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।
कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और मोबाइल रिकॉर्डिंग्स से एजेंसियों को महत्वपूर्ण क्लू मिले हैं


दिल्ली में हाई अलर्ट, बॉर्डर सील

घटना के बाद दिल्ली में:

  • सभी प्रमुख बॉर्डर पॉइंट्स पर चेकिंग बढ़ा दी गई है
  • इंडिया गेट, एयरपोर्ट, और मॉल्स पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात हैं
  • दिल्ली पुलिस ने सभी जिलों को रेड अलर्ट मोड पर रखा है
  • मेट्रो स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में डॉग स्क्वॉड और बम डिस्पोजल टीम्स लगातार गश्त कर रही हैं

विपक्ष की प्रतिक्रिया

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस धमाके की निंदा करते हुए कहा है कि सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,

“दिल्ली में ऐसी घटना होना चिंताजनक है। सरकार को जवाब देना होगा कि राजधानी की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?”

वहीं, बीजेपी नेताओं ने विपक्ष की आलोचना को राजनीतिकरण करार दिया और कहा कि “यह वक्त एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़े होने का है।”


लाल किला — आतंकियों का पुराना निशाना

लाल किला पहले भी आतंकी घटनाओं का शिकार रह चुका है।
2000 में हुए हमले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने लाल किला परिसर में गोलीबारी की थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी।
इस बार का धमाका उसी इलाके के पास हुआ, जिससे सुरक्षा एजेंसियां पुराने नेटवर्क को भी खंगाल रही हैं।


मोदी सरकार का सख्त रुख

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बयान में यह भी कहा कि:

“भारत की धरती पर आतंक की हर साजिश को जड़ से खत्म किया जाएगा।
हमारे सुरक्षा बल, हमारी एजेंसियां किसी को भी छोड़ेंगी नहीं।
जो भी इस कायराना हरकत में शामिल है, उसे उसकी सजा जरूर मिलेगी।”

मोदी का यह बयान संकेत देता है कि भारत कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर दोनों तरह की कार्रवाई कर सकता है, यदि किसी बाहरी ताकत का हाथ सामने आता है।


जनता में भय और आक्रोश दोनों

दिल्लीवासियों में इस धमाके के बाद भय और गुस्सा दोनों देखा जा रहा है।
लाल किला के पास रहने वाले स्थानीय लोगों का कहना है कि वे अब अपने घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।

एक चश्मदीद ने बताया:

“हमने सोचा पटाखा फटा होगा, लेकिन जब गाड़ियां उड़ती देखीं, तो समझ गए कुछ बड़ा हुआ है।”


सोशल मीडिया पर भी छाया धमाका

घटना के बाद सोशल मीडिया पर #DelhiBlast और #RedFortAttack ट्रेंड करने लगा।
लोग सरकार से जवाब मांग रहे हैं, वहीं कुछ ने सुरक्षा एजेंसियों के त्वरित एक्शन की सराहना भी की है।

प्रधानमंत्री मोदी का बयान आते ही “#PMModi” और “#JusticeForDelhiVictims” भी ट्रेंड करने लगा।


जांच के शुरुआती निष्कर्ष क्या कह रहे हैं

अभी तक की जांच में यह सामने आया है कि:

  • कार नकली नंबर प्लेट पर चल रही थी
  • वाहन में इस्तेमाल हुआ विस्फोटक मिलिट्री-ग्रेड का था
  • धमाका टाइमर या रिमोट से हुआ
  • दिल्ली में कुछ दिन पहले एक संदिग्ध विदेशी नागरिक देखा गया था

इन सभी बिंदुओं को जोड़कर एजेंसियां एक बड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी हैं।


पीएम मोदी की भूटान यात्रा पर असर

प्रधानमंत्री की यह यात्रा भारत-भूटान मित्रता के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर है।
हालांकि, दिल्ली धमाके की गंभीरता को देखते हुए मोदी ने अपने सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए और सिर्फ सुरक्षा और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

भूटान ने भारत को भरोसा दिलाया कि “दक्षिण एशिया में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वह भारत के साथ है।”


निष्कर्ष: देश एकजुट, जवाब तय

दिल्ली का यह धमाका एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि
क्या भारत की राजधानी पूरी तरह सुरक्षित है?
लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का संदेश साफ है —
“भारत डरने वाला नहीं, जवाब देने वाला देश है।”

जांच एजेंसियां लगातार साक्ष्य जुटा रही हैं और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में
साजिश के पूरे नेटवर्क से पर्दा उठ जाएगा।

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