IndiGo के ऑपरेशनल संकट का असर अब केवल एयरपोर्ट्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा झटका शेयर बाजार पर भी दिखने लगा है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के शेयर लगातार गिर रहे हैं और निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
दूसरी तरफ चार दिन से जारी फ्लाइट कैंसलेशन की वजह से एयरपोर्ट्स पर यात्रियों का गुस्सा और बेबसी साफ दिख रही है। हजारों पैसेंजर्स फंसे हैं, कई की यात्रा योजनाएं बिगड़ चुकी हैं और स्थिति अभी भी सामान्य होती नजर नहीं आ रही।
📉 शेयर बाजार में भी पड़े संकट के झटके
इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।

- 4 ट्रेडिंग सेशंस में 7% से ज्यादा की गिरावट
- लगातार 1700+ फ्लाइट्स रद्द
- निवेशकों का करोड़ों का नुकसान
शुक्रवार को BSE पर इंडिगो का शेयर:
- 1.22% गिरकर ₹5,371.30 पर बंद
- इंट्राडे लो: ₹5,266 (-3.15%)
NSE पर:
- 1.27% गिरकर ₹5,367.50 पर बंद
📉 मार्केट कैप में भारी गिरावट
1 दिसंबर से अब तक इंडिगो का मार्केट कैप:
- ₹16,190 करोड़ की भारी गिरावट
- वर्तमान मार्केट कैप: ₹2,07,649 करोड़
पिछले एक महीने में इंडिगो का स्टॉक 5.72% गिरा, जबकि मौजूदा संकट के बीच यह 8.76% नीचे ट्रेड कर रहा है।
✈️ आज भी 350 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल — एयरपोर्ट पर हाहाकार
इंडिगो कुल घरेलू हवाई ट्रैफिक का लगभग दो-तिहाई हिस्सा संभालती है।
लगातार चौथे दिन भी परिचालन ठप रहने से स्थिति और खराब हो गई है।
- दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे जैसे व्यस्त एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी
- आज भी 350+ उड़ानें रद्द
- हजारों पैसेंजर्स फंसे—होटल, खाना, इंतजार, परीक्षाएं और मीटिंग्स मिस
सोशल मीडिया पर लोग लगातार शिकायतें कर रहे हैं और कई ने इंडिगो की प्लानिंग पर सवाल उठाए हैं।
⚠️ आखिर परेशानी की वजह क्या है?

मुख्य संकट की जड़ DGCA के नए फ्लाइंग-टाइम रेगुलेशन बताए जा रहे हैं, जिसे 1 नवंबर से लागू किया गया था।
नए नियम क्या थे?
- पायलटों को हफ्ते में 2 दिन अनिवार्य छुट्टी
- आराम का समय 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे
- नाइट ड्यूटी का समय तय: 12 AM – 6 AM
- नाइट उड़ानों की अधिकतम फ्लाइंग टाइम: 8 घंटे
- कुल ड्यूटी टाइम लिमिट: 10 घंटे
ये नियम सुरक्षा बढ़ाने के लिए थे, लेकिन इंडिगो ने कहा कि इतने बड़े बदलाव के लिए बेहतर प्लानिंग की कमी हो गई, जिसके चलते क्रू शॉर्टेज और शेड्यूलिंग गड़बड़ा गई।
DGCA ने नियम वापस लिए
इंडिगो के संकट को देखते हुए DGCA ने वीकली रेस्ट संबंधी नए नियम तत्काल प्रभाव से वापस ले लिए हैं।
🗣️ इंडिगो की सफाई — “गलतफहमी और प्लानिंग की कमी”
CEO पीटर एल्बर्स ने बयान जारी करते हुए कहा:
- स्थिति गंभीर है लेकिन हम इसे ठीक करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं
- 10–15 दिसंबर के बीच संचालन नॉर्मल होने की उम्मीद
- कॉल सेंटर क्षमता बढ़ाई गई
- यात्रियों को रीयल-टाइम अपडेट देकर सहायता की जा रही है
📊 वित्तीय संकट: Q2 में ₹2,582 करोड़ का नुकसान
इंडिगो पहले से ही वित्तीय दबाव में थी। सितंबर तिमाही के नतीजे बताते हैं:
🔻 नेट लॉस बढ़कर ₹2,582 करोड़ (161% बढ़ोतरी)
पिछले साल इसी तिमाही में: ₹987 करोड़
📈 रेवेन्यू में बढ़ोतरी
- रेवेन्यू हुआ: ₹18,555 करोड़
- पिछले साल: ₹16,969 करोड़
⚠️ सबसे बड़ा झटका – फॉरेन एक्सचेंज कॉस्ट
- ₹240 करोड़ → ₹2,892 करोड़ (10 गुना से ज्यादा बढ़ोतरी)
इससे कंपनी का खर्चा आसमान छू गया, नतीजतन भारी नुकसान हुआ।
🔍 निष्कर्ष: इंडिगो के सामने दोहरी चुनौती
- ऑपरेशनल संकट — फ्लाइट्स रद्द, क्रू की कमी, यात्रियों का गुस्सा
- वित्तीय दबाव — शेयर गिरावट, भारी घाटा
यात्रियों को राहत कब मिलेगी, यह अगला बड़ा सवाल है।
इंडिगो के मुताबिक 10–15 दिसंबर तक फ्लाइट संचालन सामान्य हो सकता है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए एयरपोर्ट्स पर अभी कई दिन तक तनाव और अव्यवस्था बनी रह सकती है।
यह भी पढ़ें: इंडिगो का मेगा ऐलान फ्री रीशेड्यूल + ऑटो रिफंड


