भारतीय प्लेबैक गायिका Alka Yagnik को 23 जून 2026 को राष्ट्रपति Droupadi Murmu द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इस सम्मान के बाद उन्होंने एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट साझा कर अपनी सेहत और पिछले दो वर्षों के संघर्ष के बारे में खुलकर बात की।
अलका याग्निक ने क्या कहा?

- उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वह सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया की नजरों से दूर थीं।
- इस दौरान वह स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही थीं।
- उन्होंने अपने प्रशंसकों के प्यार, दुआओं और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
- पद्म भूषण प्राप्त करने को उन्होंने अपने जीवन का बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताया।
- उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी श्रोताओं का भी है जिन्होंने उनकी आवाज और गीतों को अपना प्यार दिया।
चार दशक का शानदार करियर
Alka Yagnik ने 1980 के दशक से लेकर 2000 और 2010 के दशक तक हिंदी फिल्म संगीत पर अपना दबदबा बनाए रखा। उनकी आवाज़ कई सुपरहिट फिल्मों का अहम हिस्सा रही है।
उनके कुछ लोकप्रिय गीत:
- “एक दो तीन”
- “चोली के पीछे क्या है”
- “ताल से ताल मिला”
- “दिल ने ये कहा है दिल से”
- “अगर तुम साथ हो”
- “कुच कुच होता है” के कई गीत
- “हम तुम”
- “दिल तो पागल है”
रिकॉर्ड और उपलब्धियां
- 7 बार Filmfare Awards में सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायिका का पुरस्कार।
- दो बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार।
- हजारों गीतों की रिकॉर्डिंग।
- कई भारतीय भाषाओं में गायन।
- विश्व स्तर पर सबसे अधिक सुनी जाने वाली भारतीय गायिकाओं में शामिल।
फैंस की प्रतिक्रिया

पद्म भूषण समारोह में उनकी उपस्थिति देखकर कई प्रशंसक भावुक हो गए। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि उनकी आवाज़ भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर है।
सेहत को लेकर क्या परेशानी है?
2024 में अलका याग्निक ने खुलासा किया था कि वह सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस (Sensorineural Hearing Loss) नामक दुर्लभ श्रवण समस्या से जूझ रही हैं। यह समस्या एक वायरल संक्रमण के बाद हुई थी। इस बीमारी के कारण उन्हें सार्वजनिक जीवन और कामकाज से कुछ समय के लिए दूरी बनानी पड़ी।
पोस्ट में उन्होंने आगे क्या कहा?
अलका ने लिखा कि वह अब धीरे-धीरे स्वस्थ होकर अपने जीवन और काम की ओर लौट रही हैं। उन्होंने इस सम्मान के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्रालय और भारत सरकार का धन्यवाद किया।
क्यों खास है यह सम्मान?
चार दशक से अधिक लंबे करियर में अलका याग्निक ने हिंदी फिल्म संगीत को अनेक यादगार गीत दिए हैं। पद्म भूषण भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और यह पुरस्कार उनके संगीत जगत में असाधारण योगदान की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
उनकी भावुक पोस्ट से यह संदेश भी मिला कि कठिन स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद वह धीरे-धीरे बेहतर हो रही हैं और अपने प्रशंसकों के समर्थन को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती हैं।
आगे क्या?
हालांकि अलका याग्निक ने अपने नए प्रोजेक्ट्स के बारे में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन उनकी पोस्ट से संकेत मिलता है कि वह धीरे-धीरे सामान्य जीवन और संगीत की दुनिया में वापसी कर रही हैं। उनके प्रशंसकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में वे फिर से नए गीतों के साथ सुनाई देंगी।
उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति, परिवार और प्रशंसकों का समर्थन किसी भी व्यक्ति को आगे बढ़ने की ताकत दे सकता है।


